
4 अप्रैल 2026, लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में अचानक आए मानसून पूर्व की भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पिछले 24 घंटों में बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में अमेठी, फिरोजाबाद, सीतापुर, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4 लाख का मुआवजा देने की घोषणा कर दी है। घायलों को ₹50,000 तक का सहायता राशि देने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा है।
घटना का पूरा विवरण: कैसे हुई तबाही?
उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम ने करवट ली। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हुईं।
- अमेठी: दो किसान खेत में काम कर रहे थे, बिजली गिरने से दोनों की मौत हो गई।
- फिरोजाबाद: एक घर की छत पर बिजली गिरने से एक महिला और उसका बच्चा घायल, महिला की मौत हो गई।
- सीतापुर और सिद्धार्थनगर: पेड़ के नीचे शरण लेने वाले लोग बिजली की चपेट में आए।
- संत कबीर नगर: एक गांव में सामूहिक रूप से बिजली गिरने से कई लोग प्रभावित हुए।
कुल मिलाकर 8 मौतें और 10 गंभीर घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। कई जगहों पर फसलें भी बर्बाद हो गई हैं और पेड़ उखड़ गए हैं।
CM योगी आदित्यनाथ का त्वरित एक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जानकारी मिलते ही उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने कहा, “प्रकृति का यह प्रकोप दुखद है। मृतकों के परिवारों को तत्काल ₹4 लाख मुआवजा दिया जाएगा। घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए।”
राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों तक मदद तुरंत पहुंचाई जाए। जिलों में SDRF और NDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं।
उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने की घटनाएं: बढ़ता खतरा
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही है। मुख्य वजहें:
- खेतों में काम करते समय पेड़ के नीचे शरण लेना
- पुरानी इमारतों और खराब वायरिंग
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर पर्याप्त जागरूकता की कमी
2025-26 के मानसून सीजन में अब तक कई जिलों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गरज-चमक वाली घटनाएं बढ़ रही हैं।
सरकार की राहत और मुआवजा पैकेज
- मृतक परिवार: ₹4 लाख मुआवजा
- गंभीर घायल: ₹50,000 तक सहायता
- फसल नुकसान: कृषि विभाग सर्वे कर मुआवजा वितरण करेगा
- पशु मृत्यु: पशुपालन विभाग द्वारा मुआवजा
सरकार ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि बारिश और बिजली के दौरान खुले में न निकलें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित जगह पर रहें।
मौसम विभाग की चेतावनी
IMD ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। येलो अलर्ट जारी किया गया है।
ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय
- बारिश और बिजली के दौरान घर के अंदर रहें।
- मोबाइल फोन चार्जिंग से दूर रहें।
- धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
- खुले खेतों में काम करते समय सतर्क रहें।
- पेड़ या ऊंची जगहों के नीचे शरण न लें।
- घरों में लाइटनिंग अरेस्टर लगवाएं।
प्रभावित परिवारों की कहानियां
प्रभावित परिवारों में शोक की लहर है। अमेठी में मृतक किसान के परिवार ने बताया कि वे खेत में काम कर रहे थे जब अचानक बिजली गिरी। घायलों में कई बच्चे और महिलाएं शामिल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व-मानसून गतिविधियां बढ़ रही हैं। लोगों को जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। सरकार को बिजली गिरने से बचाव के लिए विशेष कैंपेन चलाना चाहिए।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से कितनी मौतें हुईं?
8 लोगों की मौत हुई है और 10 लोग घायल हैं।
2. सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कौन-कौन से हैं?
अमेठी, फिरोजाबाद, सीतापुर, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर।
3. सरकार ने मुआवजे की कितनी राशि घोषित की?
प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4 लाख और घायलों को ₹50,000 तक।
4. CM योगी ने क्या निर्देश दिए?
तत्काल राहत पहुंचाने, मुआवजा वितरण और घायलों के इलाज के निर्देश दिए।
5. मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी है?
अगले 48 घंटों में कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी (येलो अलर्ट)।
6. बिजली गिरने से बचने के लिए क्या करें?
घर के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे न जाएं, धातु की चीजों से दूर रहें।
7. फसल नुकसान पर मुआवजा मिलेगा?
हां, कृषि विभाग सर्वे करके मुआवजा देगा।
8. SDRF और NDRF की टीमें कहां तैनात हैं?
प्रभावित जिलों में राहत कार्य के लिए तैनात की गई हैं।
9. ऐसी घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
जलवायु परिवर्तन और पूर्व-मानसून गतिविधियों के कारण।
10. आम जनता को क्या सलाह है?
मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और सुरक्षित रहें।

