EC का बड़ा खुलासा! 90 लाख से ज्यादा मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर, जिलेवार डेटा जारी

EC का बड़ा खुलासा! 90 लाख से ज्यादा मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर, जिलेवार डेटा जारी

, नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने एक बड़ा खुलासा करते हुए पूरे देश को चौंका दिया है। देशभर से 90 लाख से ज्यादा मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। चुनाव आयोग ने पहली बार जिलेवार डेटा सार्वजनिक कर दिया है, जिसमें हर जिले में कितने नाम कटे हैं, इसका पूरा ब्योरा दिया गया है।

यह सफाई अभियान लोकसभा चुनाव 2029 और आने वाले विधानसभा चुनावों को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, ये नाम डुप्लिकेट, मृत, स्थानांतरित या अयोग्य पाए गए मतदाताओं के थे।

EC का जिलेवार डेटा: क्या कहते हैं आंकड़े?

चुनाव आयोग ने 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का जिलेवार डेटा जारी किया है। कुछ प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • उत्तर प्रदेश: सबसे ज्यादा 22.5 लाख नाम हटाए गए।
  • महाराष्ट्र: 11.8 लाख मतदाता लिस्ट से बाहर।
  • बिहार: 9.2 लाख नाम कटे।
  • पश्चिम बंगाल: 7.4 लाख मतदाता हटाए गए।
  • राजस्थान: 6.1 लाख नाम हटाए गए।

कुल मिलाकर 90.35 लाख मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया गया है। यह आंकड़ा चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जिलेवार उपलब्ध है।

क्यों हटाए गए 90 लाख नाम?

चुनाव आयोग ने सफाई के चार मुख्य कारण बताए हैं:

  1. डुप्लिकेट वोटर: एक व्यक्ति का नाम कई जगहों पर दर्ज था।
  2. मृत मतदाता: मर चुके लोगों के नाम अभी भी लिस्ट में थे।
  3. स्थानांतरित मतदाता: दूसरे राज्य या जिले में चले गए लोगों के नाम नहीं हटाए गए थे।
  4. अयोग्य मतदाता: 18 वर्ष से कम उम्र या अन्य अयोग्य श्रेणी के लोग।

चुनाव आयोग ने विशेष अभियान चलाकर फोटो मैचिंग, आधार वेरिफिकेशन और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए इन नामों की पहचान की।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

BJP: इस सफाई को “स्वच्छ चुनाव की दिशा में बड़ा कदम” बताया है। कांग्रेस: इसे “वोटर लिस्ट में सिलेक्शन” करार देते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी राज्यों में ज्यादा नाम हटाए गए हैं। AAP और अन्य विपक्षी दल: मांग की है कि हटाए गए नामों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए और प्रभावित लोगों को अपील का मौका दिया जाए।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता को बिना नोटिस दिए नाम नहीं हटाया गया। सभी को एसएमएस और पोस्ट से सूचना दी गई थी।

वोटर लिस्ट सफाई का चुनावी प्रभाव

  • 2029 लोकसभा चुनाव: कुल मतदाताओं की संख्या में कमी आएगी, लेकिन लिस्ट ज्यादा स्वच्छ और विश्वसनीय होगी।
  • महिला मतदाता: सफाई में महिला मतदाताओं के नामों की जांच विशेष रूप से की गई।
  • युवा मतदाता: 18-19 वर्ष के नए मतदाताओं को जोड़ने का काम तेज किया गया है।

चुनाव आयोग ने कहा कि यह सफाई अभियान जारी रहेगा। अगले चरण में:

  • आधार से 100% वेरिफिकेशन
  • फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
  • राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. कुल कितने मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया गया?

90.35 लाख से ज्यादा मतदाताओं को हटाया गया है।

2. EC ने जिलेवार डेटा क्यों जारी किया?

पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाताओं को जानकारी देने के लिए।

3. क्या हटाए गए नाम वापस जोड़े जा सकते हैं?

हां, अगर कोई मतदाता सही दस्तावेज लेकर आवेदन करे तो नाम जोड़ा जा सकता है।

4. सबसे ज्यादा नाम किस राज्य से हटाए गए?

उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा (22.5 लाख)।

5. क्या यह सफाई चुनाव को प्रभावित करेगी?

नहीं, बल्कि चुनाव और स्वच्छ तथा विश्वसनीय होंगे।

6. आम मतदाता को क्या करना चाहिए?

अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक करें। अगर नाम गायब है तो तुरंत फॉर्म भरकर आवेदन करें।

7. सफाई का मुख्य कारण क्या है?

डुप्लिकेट, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं को हटाना।

8. क्या महिला और युवा मतदाताओं पर भी असर पड़ा?

नहीं, सफाई सभी श्रेणियों में की गई है।

9. EC ने यह डेटा कब जारी किया?

4 अप्रैल 2026 को।

10. वोटर लिस्ट चेक कैसे करें?

चुनाव आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in या NVSP पोर्टल पर।

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