
, नई दिल्ली/ह्यूस्टन: आज रात का इंतजार आखिरकार खत्म होने वाला है। NASA का Artemis-2 मिशन चंद्रमा के बेहद करीब पहुंच रहा है। 1972 के अपोलो-17 मिशन के बाद पहली बार कोई इंसानी क्रू चंद्रमा की सतह से मात्र 100-200 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचेगा।
चार एस्ट्रोनॉट्स — Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen — Orion स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर इस ऐतिहासिक यात्रा पर हैं। आज रात Artemis-2 चंद्रमा के निकट पहुंचकर पृथ्वी की ओर वापसी की तैयारी शुरू कर देगा। यह मिशन Artemis कार्यक्रम का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण चरण है, जो 2026-27 में चंद्रमा पर इंसानों की लैंडिंग की राह तैयार कर रहा है।
Artemis-2 मिशन: क्या है पूरा प्लान?
Artemis-2 मिशन 4 दिनों पहले लॉन्च हुआ था। चार एस्ट्रोनॉट्स Orion कैप्सूल में सवार होकर पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकल चुके हैं। मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के चारों ओर घूमकर उसकी सतह के बेहद करीब जाना और फिर पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी करना है।
आज रात (4 अप्रैल 2026) को मिशन अपना सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा करेगा — चंद्रमा के निकटतम बिंदु (Lunar Flyby)। इस दौरान क्रू चंद्रमा से मात्र 100-200 किलोमीटर की दूरी पर होगा। एस्ट्रोनॉट्स चंद्रमा की सतह की तस्वीरें लेंगे, वैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करेंगे और Orion स्पेसक्राफ्ट की परफॉर्मेंस टेस्ट करेंगे।
1972 के बाद पहली बार इंसान इतना करीब
अपोलो-17 मिशन (दिसंबर 1972) के बाद आज पहली बार कोई इंसान चंद्रमा के इतना करीब पहुंच रहा है। पिछले 53 वर्षों में कोई भी क्रूड मिशन चंद्रमा की कक्षा में नहीं गया था। Artemis-2 इस लंबे अंतर को खत्म कर रहा है।
क्रू में शामिल चार सदस्य:
- Reid Wiseman (कमांडर)
- Victor Glover (पायलट)
- Christina Koch (मिशन स्पेशलिस्ट)
- Jeremy Hansen (मिशन स्पेशलिस्ट, कनाडा)
यह मिशन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें पहली बार एक महिला (Christina Koch) और एक काले रंग के एस्ट्रोनॉट (Victor Glover) चंद्रमा के पास जा रहे हैं।
आज रात क्या होगा?
NASA के अनुसार, आज रात लगभग 11:30 बजे IST (भारतीय समय) के आसपास Orion स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के निकटतम बिंदु पर पहुंचेगा। इस दौरान:
- एस्ट्रोनॉट्स चंद्रमा की सतह की हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेंगे।
- चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का अध्ययन करेंगे।
- Orion कैप्सूल की सभी सिस्टम्स की टेस्टिंग करेंगे।
- पृथ्वी की खूबसूरत तस्वीरें भी कैद करेंगे।
NASA ने लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दी है। पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है।
Artemis कार्यक्रम का महत्व
Artemis-2 Artemis कार्यक्रम का दूसरा मिशन है।
- Artemis-1 (2022) — अनमैन्ड मिशन सफल रहा।
- Artemis-2 — पहला क्रूड मिशन (2026)।
- Artemis-3 — 2027 में चंद्रमा पर इंसानों की लैंडिंग।
इस कार्यक्रम का लक्ष्य है कि 2020 के दशक के अंत तक चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस स्थापित किया जाए और आगे मंगल मिशन की तैयारी की जाए।
भारत के लिए क्या मायने रखता है?
भारत भी चंद्रमा मिशन (चंद्रयान-3) में सफल रहा है। Artemis-2 का यह फ्लाईबाय भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ISRO और NASA के बीच बढ़ते सहयोग से भविष्य में संयुक्त मिशन की संभावना बढ़ गई है।
विशेषज्ञों की राय
NASA के प्रमुख बिल नेल्सन ने कहा, “Artemis-2 सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि इंसानियत की वापसी है चंद्रमा पर।” भारतीय अंतरिक्ष विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिशन चंद्रमा की कक्षा में इंसानी उपस्थिति की नई शुरुआत है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Artemis-2 मिशन आज रात क्या करेगा?
आज रात चंद्रमा के निकटतम बिंदु (Lunar Flyby) पर पहुंचेगा।
2. 1972 के बाद पहली बार इंसान चंद्रमा के कितने करीब जाएगा?
लगभग 100-200 किलोमीटर की दूरी तक।
3. Artemis-2 में कौन-कौन से एस्ट्रोनॉट्स हैं?
Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen।
4. यह मिशन कितने दिनों का है?
कुल 10 दिन का मिशन है।
5. क्या चंद्रमा पर लैंडिंग होगी?
नहीं, यह फ्लाईबाय मिशन है। लैंडिंग Artemis-3 में होगी।
6. भारत समय अनुसार कब होगा महत्वपूर्ण पल?
आज रात लगभग 11:30 बजे IST के आसपास।
7. क्या लाइव देख सकते हैं?
हां, NASA की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग हो रही है।
8. Artemis कार्यक्रम का अंतिम लक्ष्य क्या है?
चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस बनाना और आगे मंगल मिशन की तैयारी।
9. भारत इस मिशन से कैसे जुड़ा है?
भारत और NASA के बीच बढ़ते सहयोग से भविष्य में संयुक्त मिशन संभव हैं।
10. यह मिशन क्यों महत्वपूर्ण है?
1972 के बाद पहली बार इंसान चंद्रमा के इतना करीब पहुंच रहा है।

