
नई दिल्ली/मुंबई: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर आतंक की एक खौफनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। दिल्ली और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने टॉय कार बम के जरिए बड़े हमले की तैयारी कर रहे ISIS-जैश के दो आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया।
आतंकियों ने बच्चों के खिलौने वाली रिमोट कंट्रोल टॉय कार में उच्च क्षमता वाला बम छिपाकर दिल्ली और मुंबई में आतंकी हमले की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आतंकियों के पास से टॉय कार, रिमोट डेटोनेटर, टाइमर और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह साजिश देश की राजधानी और आर्थिक राजधानी दोनों को एक साथ निशाना बनाने की थी।
घटना का पूरा विवरण: कैसे रची गई टॉय कार बम साजिश?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई एटीएस की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ISIS और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो आतंकी टॉय कार के जरिए बम हमला करने की तैयारी कर रहे हैं।
3 अप्रैल की रात को दोनों शहरों में एक साथ छापेमारी की गई।
- दिल्ली: लाल किले के पास एक होटल में छिपे एक आतंकी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास एक बड़ी टॉय कार मिली, जिसमें 2 किलो RDX जैसा उच्च विस्फोटक भरा गया था।
- मुंबई: दादर इलाके में दूसरे आतंकी को पकड़ा गया। उसके पास रिमोट कंट्रोल डिवाइस और टाइमर बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, आतंकी योजना बना रहे थे कि बच्चों की भीड़ वाले इलाकों (पार्क, मॉल, स्कूल के पास) में टॉय कार को भेजकर रिमोट से ब्लास्ट किया जाए। इससे बच्चों और आम नागरिकों में भारी जान-माल की हानि होती।
आतंकियों की पहचान और बैकग्राउंड
दोनों गिरफ्तार आतंकी:
- राहुल शेख (उर्फ अबू हमजा) – 28 वर्षीय, मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला, ISIS से जुड़ा।
- इमरान भट (उर्फ अबू कासिम) – 32 वर्षीय, जम्मू-कश्मीर का, जैश-ए-मोहम्मद से लिंक।
दोनों पिछले 8 महीने से छिपकर साजिश रच रहे थे। वे सोशल मीडिया और डार्क वेब के जरिए निर्देश ले रहे थे। पुलिस को उनके मोबाइल और लैपटॉप से कई वीडियो और मैसेज मिले हैं, जिनमें टॉय कार बम बनाने का तरीका बताया गया था।
दिल्ली-मुंबई पुलिस की सफलता
दिल्ली पुलिस कमिश्नर और मुंबई एटीएस प्रमुख ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह एक बहुत खतरनाक साजिश थी। टॉय कार बम का इस्तेमाल पहली बार देश में देखा गया। हमने समय रहते इसे नाकाम कर दिया।”
पुलिस ने दोनों आतंकियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। आगे पूछताछ में और साथी आतंकियों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
टॉय कार बम साजिश का खौफनाक पहलू
आतंकियों ने बच्चों के खिलौने को हथियार बनाने की कोशिश की थी। टॉय कार में इतना विस्फोटक भरा गया था कि 50 मीटर के दायरे में भारी नुकसान हो सकता था। यह साजिश इसलिए भी खतरनाक थी क्योंकि बच्चे आसानी से टॉय कार की तरफ आकर्षित हो जाते।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर
यह घटना देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती पेश करती है।
- आतंकी अब पारंपरिक तरीकों के अलावा नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
- बच्चों के खिलौनों को हथियार बनाना एक नया और घातक ट्रेंड है।
- दिल्ली और मुंबई जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी कर दिया है कि टॉय कार, ड्रोन और छोटे खिलौनों पर विशेष नजर रखी जाए।
विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह साजिश “लो-टेक, हाई-इंपैक्ट” वाली थी। आतंकी जानते हैं कि पारंपरिक बम आसानी से पकड़े जा सकते हैं, इसलिए उन्होंने खिलौने का इस्तेमाल किया।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. टॉय कार बम साजिश क्या थी?
आतंकियों ने बच्चों की टॉय कार में बम छिपाकर दिल्ली और मुंबई में हमला करने की योजना बनाई थी।
2. कितने आतंकी गिरफ्तार हुए?
दो ISIS-जैश के आतंकी गिरफ्तार हुए हैं।
3. कहां-कहां छापेमारी हुई?
दिल्ली और मुंबई में एक साथ छापेमारी की गई।
4. बम में कितना विस्फोटक था?
2 किलो RDX जैसा उच्च विस्फोटक बरामद हुआ।
5. साजिश कितने दिनों से चल रही थी?
पिछले 8 महीने से दोनों आतंकी इस साजिश पर काम कर रहे थे।
6. क्या और आतंकी शामिल हो सकते हैं?
पूछताछ जारी है, और साथियों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
7. आम नागरिकों को क्या सलाह है?
असंवेदनशील पैकेट या अजीब खिलौनों को देखते ही पुलिस को सूचित करें।
8. क्या दिल्ली-मुंबई में सुरक्षा बढ़ाई गई है?
हां, दोनों शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
9. यह साजिश कितनी खतरनाक थी?
बहुत खतरनाक, क्योंकि बच्चे आसानी से टॉय कार की तरफ जाते।
10. पुलिस को कितनी सफलता मिली?
बहुत बड़ी सफलता। समय रहते साजिश नाकाम कर दी गई।

