
कोलकाता: पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एक बड़ा और आकर्षक ऐलान किया है। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है कि सत्ता में आने पर राज्य की हर महिला को हर महीने ₹2000 दिए जाएंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने आज कोलकाता में पार्टी का पूरा घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा, “महिलाएं बंगाल की रीढ़ हैं। हम उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे। हर महिला को ₹2000 महीना देने का वादा हम पूरा करेंगे।”
कांग्रेस का महिला घोषणा पत्र: मुख्य वादे
कांग्रेस के घोषणा पत्र में महिलाओं के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं:
- ₹2000 मासिक सहायता: 18 वर्ष से ऊपर की हर महिला को हर महीने ₹2000 दिए जाएंगे।
- लाडली बहन योजना का विस्तार: मौजूदा योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा।
- महिला स्वरोजगार: महिलाओं को 5 लाख तक का बिना ब्याज ऋण।
- महिला आरक्षण: पंचायत और नगरपालिका चुनावों में 50% आरक्षण।
- सुरक्षा: हर थाने में महिला डेस्क और फास्ट ट्रैक कोर्ट।
पार्टी ने दावा किया है कि यह योजना पूरे राज्य की लगभग 4.5 करोड़ महिलाओं को सीधे लाभ पहुंचाएगी।
कांग्रेस का तर्क: क्यों ₹2000?
अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “महिलाएं घर चलाती हैं, बच्चे पालती हैं और समाज संभालती हैं। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ₹2000 उन्हें थोड़ी स्वतंत्रता और सम्मान देगा। यह सिर्फ पैसा नहीं, सम्मान का वादा है।”
कांग्रेस का अनुमान है कि इस योजना पर सालाना लगभग 10,800 करोड़ रुपये खर्च आएंगे। पार्टी ने कहा कि यह राशि भ्रष्टाचार कम करके और बेहतर टैक्स कलेक्शन से जुटाई जाएगी।
अन्य प्रमुख वादे
घोषणा पत्र में महिलाओं के अलावा अन्य वादे भी शामिल हैं:
- बेरोजगार युवाओं को ₹5000 मासिक भत्ता
- किसानों को प्रति एकड़ ₹10,000 सहायता
- सभी सरकारी नौकरियों में 33% महिला आरक्षण
- स्वास्थ्य बीमा का विस्तार
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
तृणमूल कांग्रेस: ममता बनर्जी सरकार ने कांग्रेस के वादे को “अव्यावहारिक और चुनावी जुमला” बताया। TMC नेता ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही महिलाओं को कई योजनाओं के तहत पैसे दे रही है।
BJP: भाजपा ने कांग्रेस पर “लुभावने वादे” करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस के पास न तो पैसा है और न ही इरादा।
वामपंथी दल: CPI(M) ने कांग्रेस के वादे का स्वागत किया लेकिन इसे “बहुत कम” बताया।
क्या है वास्तविकता? विशेषज्ञ विश्लेषण
वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि ₹2000 महीना योजना पर सालाना 10,800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पश्चिम बंगाल का वर्तमान बजट देखते हुए यह राशि जुटाना चुनौतीपूर्ण होगा।
कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर योजना सही तरीके से लागू हुई तो महिलाओं की खपत बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। लेकिन अगर फंडिंग का इंतजाम नहीं हुआ तो यह सिर्फ एक घोषणा बनकर रह जाएगी।
महिलाओं की प्रतिक्रिया
कोलकाता और जिलों में महिलाओं ने कांग्रेस के इस वादे का स्वागत किया है। कई महिलाओं ने कहा कि ₹2000 उन्हें घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई में मदद करेगा। हालांकि कुछ ने सवाल किया कि क्या यह वादा चुनाव के बाद भी याद रहेगा।
कांग्रेस की रणनीति
विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में “महिला कार्ड” खेलकर वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रही है। TMC की लाडली बहन जैसी योजनाओं के खिलाफ कांग्रेस ने अपना आकर्षक काउंटर दिया है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. कांग्रेस ने महिलाओं को कितना पैसा देने का वादा किया है?
हर महिला को हर महीने ₹2000।
2. यह योजना कब से लागू होगी?
कांग्रेस सत्ता में आने के बाद, यानी 2026 चुनाव जीतने के बाद।
3. योजना का फायदा कितनी महिलाओं को मिलेगा?
लगभग 4.5 करोड़ महिलाओं को।
4. योजना पर कितना खर्च आएगा?
सालाना लगभग 10,800 करोड़ रुपये।
5. TMC सरकार ने क्या कहा?
TMC ने इसे “चुनावी जुमला” बताया है।
6. क्या यह वादा व्यावहारिक है?
विशेषज्ञों के अनुसार चुनौतीपूर्ण है लेकिन असंभव नहीं।
7. अन्य वादे क्या हैं?
बेरोजगार युवाओं को ₹5000, किसानों को ₹10,000 प्रति एकड़ आदि।
8. क्या यह घोषणा पत्र आधिकारिक है?
हां, अधीर रंजन चौधरी ने आज औपचारिक रूप से जारी किया।
9. क्या पुरुषों के लिए भी कोई योजना है?
घोषणा पत्र में युवाओं और किसानों के लिए अलग वादे हैं।
10. आम महिलाओं को क्या सलाह है?
घोषणा पत्र पढ़ें और अपनी मांगों को राजनीतिक दलों के सामने रखें।

