
इस्लामाबाद: आजकल पाकिस्तान में एक नया चलन देखने को मिल रहा है। वहां के आम लोग और छोटे कारोबारी अपनी जमा-पूंजी को ईरानी रियाल (वहां का पैसा) में बदल रहे हैं। सबको लग रहा है कि इससे उन्हें भविष्य में बहुत फायदा होगा। लेकिन क्या वाकई यह मुनाफे का सौदा है या इसमें लोगों की मेहनत की कमाई डूब सकती है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
पाकिस्तानी लोग ईरानी पैसा क्यों खरीद रहे हैं?
इसके पीछे 4 मुख्य कारण हैं:
- ईरानी पैसे की बहुत कम कीमत: ईरानी रियाल दुनिया के सबसे सस्ते पैसों में से एक है। थोड़े से पाकिस्तानी रुपये देकर बहुत सारे ईरानी रियाल मिल जाते हैं। लोगों को लगता है कि भविष्य में इसकी कीमत बढ़ेगी तो वे अमीर हो जाएंगे।
- पाकिस्तानी रुपये की कमजोरी: पाकिस्तान में रुपये की कीमत लगातार गिर रही है और महंगाई बढ़ रही है। लोगों को अपने देश के रुपये पर भरोसा कम हो रहा है, इसलिए वे दूसरा रास्ता ढूंढ रहे हैं।
- पाबंदियां हटने की उम्मीद: लोगों को लगता है कि अगर ईरान पर लगी अंतरराष्ट्रीय पाबंदियां हट गईं, तो वहां का पैसा बहुत मजबूत हो जाएगा। इसी उम्मीद में लोग इसे खरीदकर जमा कर रहे हैं।
- सीमा पर व्यापार: पाकिस्तान और ईरान की सीमा पर लोग पेट्रोल और दूसरी चीजों का व्यापार करते हैं। वहां ईरानी पैसा आसानी से चलता है, इसलिए भी लोग इसे पास रखना पसंद करते हैं।
ईरानी पैसे में निवेश करने के 5 बड़े खतरे
भले ही यह देखने में अच्छा लग रहा हो, लेकिन इसमें जोखिम बहुत ज्यादा है:
- बहुत ज्यादा महंगाई: ईरान खुद बहुत बड़ी आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। वहां महंगाई इतनी ज्यादा है कि वहां के पैसे की कीमत आए दिन गिरती रहती है।
- बेचने में मुश्किल: अगर आप आज ईरानी पैसा खरीद लेते हैं, तो जरूरत पड़ने पर उसे वापस रुपये में बदलना बहुत मुश्किल होता है। कोई भी बड़ा बैंक इसे आसानी से नहीं लेता।
- कानूनी अड़चनें: ईरान पर दुनिया के कई बड़े देशों ने पाबंदियां लगा रखी हैं। इस वजह से ईरानी पैसे में लेन-देन करना आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।
- धोखाधड़ी का डर: चूंकि यह काम ज्यादातर बिना किसी रसीद या बैंक के होता है, इसलिए इसमें नकली नोट मिलने या पैसा लेकर भाग जाने का डर बना रहता है।
- युद्ध के हालात: अगर ईरान का किसी दूसरे देश के साथ झगड़ा या युद्ध होता है, तो वहां का पैसा पूरी तरह बेकार हो सकता है और आपका निवेश शून्य हो सकता है।
क्या कहते हैं जानकार?
जानकारों का मानना है कि किसी भी देश के पैसे में निवेश करना तभी सही है जब उस देश की हालत स्थिर हो। ईरान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति अभी बहुत खराब है। ऐसे में वहां का पैसा खरीदना निवेश नहीं बल्कि एक बड़ा जुआ है। अपनी मेहनत की कमाई को ऐसी जगह लगाना जहाँ कोई गारंटी न हो, समझदारी नहीं है।
जरूरी सवाल और जवाब (FAQs)
- सवाल: पाकिस्तानी लोग ईरानी पैसा क्यों खरीद रहे हैं?
वे कम कीमत में ज्यादा पैसा जमा करके भविष्य में अमीर बनने की उम्मीद में ऐसा कर रहे हैं - सवाल: क्या ईरानी पैसा खरीदना पूरी तरह सुरक्षित है?
नहीं, यह बहुत जोखिम भरा है क्योंकि इसकी कीमत लगातार गिरती रहती है। - सवाल: क्या बैंक से ईरानी रियाल खरीदे जा सकते हैं?
ज्यादातर बड़े बैंक पाबंदियों की वजह से इस पैसे का लेन-देन नहीं करते हैं। - सवाल: क्या यह निवेश कानूनी रूप से सही है?
बिना जानकारी के बड़ी मात्रा में विदेशी पैसा रखना कानूनी मुसीबत खड़ी कर सकता है। - सवाल: अगर पाबंदियां नहीं हटीं तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में ईरानी पैसे की कीमत और कम हो जाएगी और लोगों का पैसा डूब जाएगा। - सवाल: क्या ईरानी पैसे को आसानी से बदला जा सकता है?
नहीं, इसे वापस पाकिस्तानी रुपये या डॉलर में बदलना बहुत मुश्किल काम है। - सवाल: क्या गरीब लोग भी इसमें पैसा लगा रहे हैं?
हां, थोड़े पैसे में ज्यादा नोट मिलने के लालच में आम लोग भी इसमें फंस रहे हैं। - सवाल: सीमा पर ईरानी पैसे का क्या इस्तेमाल होता है?
वहां लोग सस्ता पेट्रोल और खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। - सवाल: क्या सरकार इस निवेश को बढ़ावा दे रही है?
नहीं, सरकार और जानकार लोगों को ऐसे जोखिम भरे निवेश से बचने की सलाह देते हैं। - सवाल: इस निवेश का सबसे बड़ा खतरा क्या है?
सबसे बड़ा खतरा यह है कि ईरानी पैसा पूरी तरह रद्दी के बराबर हो सकता है।

