UN में भारत का तीखा हमला, पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच से भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर जोरदार हमला बोला है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान को आतंकवाद का “भस्मासुर” बताते हुए कहा कि जिस आतंकवाद को उसने दशकों तक बढ़ावा दिया, वही अब उसके लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से लेकर सिंधु जल समझौते तक कई अहम मुद्दों पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि अब नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी।
पाकिस्तान को ‘भस्मासुर’ कहने के पीछे क्या है वजह?
भारत की ओर से दिए गए बयान में कहा गया कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को समर्थन देता रहा है। लेकिन अब वही आतंकवाद उसके लिए आंतरिक अस्थिरता और सुरक्षा संकट का कारण बन गया है।
भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए खतरा है। ऐसे में आतंकवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने जवाब देना होगा।
PoK पर भारत का स्पष्ट संदेश, नहीं बदला है रुख
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर दोहराया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को अवैध कब्जा समाप्त कर इस क्षेत्र को खाली करना चाहिए।
नई दिल्ली का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पूरी तरह भारत के आंतरिक मामले हैं और इनमें किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
क्यों अहम है PoK का मुद्दा?
- PoK भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है।
- भारत लगातार इस क्षेत्र पर अपना दावा दोहराता रहा है।
- हाल के वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को अधिक मजबूती से उठाना शुरू किया है।
सिंधु जल समझौते पर भी दिखाई सख्ती
भारत ने सिंधु जल समझौते को लेकर भी कड़ा रुख दिखाया। भारत का कहना है कि परिस्थितियों में आए बदलाव और पाकिस्तान की नीतियों को देखते हुए समझौते के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की आवश्यकता है।
क्या है सिंधु जल समझौता?
1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच यह समझौता हुआ था। इसके तहत सिंधु नदी प्रणाली के जल के उपयोग को लेकर दोनों देशों के अधिकार तय किए गए थे।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कई बार भारत ने इस समझौते की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है।
वैश्विक मंच पर बदल रही है भारत की रणनीति
रणनीतिक मामलों की विशेषज्ञ डॉ. नेहा शर्मा के अनुसार,
“भारत की विदेश नीति में आत्मविश्वास और स्पष्टता दोनों दिखाई दे रही हैं। संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर भारत का आक्रामक रुख उसके बढ़ते वैश्विक प्रभाव का संकेत है।”
भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति, सामरिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों ने भी उसकी आवाज को पहले से अधिक प्रभावशाली बनाया है।
पाकिस्तान पर क्या पड़ सकता है असर?
इसके अलावा,
- आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की आलोचना बढ़ सकती है।
- PoK को लेकर वैश्विक चर्चा तेज हो सकती है।
- सिंधु जल समझौते पर नई बहस शुरू हो सकती है।
- दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
FAQs
1. UN में भारत ने पाकिस्तान को क्या कहा?
भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद का “भस्मासुर” बताया।
2. भारत ने PoK पर क्या कहा?
भारत ने PoK को अपना अभिन्न हिस्सा बताते हुए पाकिस्तान से अवैध कब्जा समाप्त करने को कहा।
3. सिंधु जल समझौता कब हुआ था?
1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच यह समझौता हुआ था।
4. सिंधु जल समझौते में विश्व बैंक की क्या भूमिका थी?
विश्व बैंक ने इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
5. भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव क्यों बढ़ रहा है?
आतंकवाद, PoK और सीमा से जुड़े मुद्दों के कारण तनाव बना हुआ है।
6. क्या भारत सिंधु जल समझौते की समीक्षा चाहता है?
भारत कई मौकों पर इसकी समीक्षा की बात कह चुका है।
7. PoK का पूरा नाम क्या है?
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir)।
8. संयुक्त राष्ट्र में भारत का रुख क्यों चर्चा में है?
भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहद सख्त और स्पष्ट बयान दिए हैं।
9. क्या इससे दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है।
10. भारत की नई विदेश नीति की विशेषता क्या है?
अधिक आत्मविश्वास, स्पष्टता और आक्रामक कूटनीति।

